ऋषि ज्ञान
ऋषि ज्ञान रुषति - गच्छति संसारपारम् इति। यह ऋषि कि व्यख्या हे . ऋषि कि आंखो के सामने सन्सार के पारलौकिक कल्याण का स्पष्ट दर्शन होता है.इंसान का सच्चा आप्तजन ऋषि ही हे . क्यूंकि वह राग द्वेष को वश हो कर कुछ भी अन्यथा नहीं बोलता और किसीको गलत सलाह नहीं देता

रामनवमी २०१९ - नाम स्मरण प्रभाव

रामनवमी २०१९ - नाम स्मरण प्रभाव

जान आदिकबि नाम प्रतापू | भयउ शुद्ध करि उल्टा जापू ||
सहस नाम सम सुनि सिव बानी | जपि जेई पिय संग भवानी ||

आदिकवि श्रीवाल्मीकिजी राम नाम के प्रभाव को जानते हे , जो उल्टा नाम जपकर (“मरा”) भी पवित्र हो गए | श्रीशिवजी के इस वचन को सुनकर की एक राम नाम सहस्त्र नाम के समान हे , पार्वतीजी सदा श्रीशिवजी के साथ राम नाम का जाप करती रहती हे ||

- श्री रामचरितमानस

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